सिक्किम और जामिया विश्वविद्यालय ने पूर्वोत्तर भारत पर संयुक्त रूप से पुस्तक लॉन्च की

  • अंडरस्टैडिंग अर्बनलाइजे़शन इन नार्थईस्ट इंडियाः इश्यू एंड चैलेंजेस गूगल ई-बुक्स पर उपलब्ध है
  • यह पुस्तक शहरी अध्ययन, मानव भूगोल, विकास अर्थशास्त्र इत्यादि शोधकर्ताओं और छात्रों के लिए लाभदायक साबित होगा

नई दिल्ली. जामिया मिलिया इस्लामिया और सिक्किम विश्विद्यालय ने मिलकर एक पुस्तक लांच की है. यह पुस्तक पूर्वोत्तर भारत में आए शहरीकरण पर अधारित है. पुस्तक का नाम “अंडरस्टैडिंग अर्बनलाइजे़शन इन नार्थईस्ट इंडियाः इश्यू एंड चैलेंजेस” है. अब इस पुस्तक के सार की बात करें तो, यह भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में शहरीकरण की बातें दर्शाता है. शहरीकरण की प्रकृति और पैटर्न का गंभीर अध्यन इस किताब में है. साथ ही इसके कारण पूर्वोत्तर भारत में बदले पर्यावरण, बुनियादी ढांचे और क्षेत्र की सामाजिक व आर्थिक स्थितियों पर हुए प्रभाव को भी बताया गया है.

किताब कब प्रकाशित हुई?

इस किताब को रूटलेज़ (टेलर एंड फ्रांसिस ग्रुप), ऑक्सन न्यूयार्क ने इस वर्ष प्रकाशित किया है. इस किताब के संपादक जेएमआई के सेंटर फाॅर नॉर्थ ईस्ट स्टडीज एंड पॉलिसी रिसर्च (सीएनईएसपीआर) के प्रोफेसर अमरजीत सिंह और सिक्किम विश्वविद्यालय, गंगटोक के अर्थशास्त विभाग के डॉ कोमोल सिंघा है. इस पुस्तक की पहल एक सेमिनार के दौरान हुई थी. यह सेमिनार नवंबर 2018 में सिक्किम विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग और जामिया के सीएनईएसपीआर द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था. सेमिनार का आयोजन भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के वित्तीय सहयोग से किया गया था. जिसमे कई शिक्षकों, शहर के योजनाकारों और छात्रों ने हिस्सा लिया था.

पुस्तक की सामग्री

आपको बता दें कि, इस पुस्तक को 14 निबंधों में बाट कर लिखा गया है. जिसमें मुख्य रूप से सीमांत शहरीवाद, शहरी आबादी़, स्मार्ट सिटी, स्थानीय वास्तुकला, स्ट्रीट वेंडिंग, शहरी जल और वेस्ट मैनेजमेंट जैसे मुद्दों की व्याख्या की गई है. किताब में गुवाहाटी, सिक्किम, ईटानगर म्यूनिसिपल क्षेत्र की केस स्टडी मौजूद है. 216 पन्नों की इस किताब के अलग-अलग भाग में शहरीकरण के विभिन्न पहलुओं की व्याख्या दी गई है. इस किताब में ग्राफ़ का इस्तेमाल किया गया है. जिसकी मदद से किताब के पाठक इकनॉमिकअल डाटा आसानी से समझ सकते है.

पुस्तक के संपादकों को पूरी उम्मीद है कि यह पुस्तक न केवल पहाड़ी क्षेत्र में शहरीकरण की प्रवृत्ति और पैटर्न को समझने में मदद करेगी. बल्कि भारत के शहरी मुद्दों और ख़ासकर, पूर्वोत्तर क्षेत्रों के शहरी मुद्दों को समझने और उनका समाधान करने में भी मददगार साबित होगी.

Anjali Kumari

Aspiring news reporter and radio jockey.

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