‘1 साल में भारत में जहरीली हवा ने ले ली 1.16 लाख बच्चों की जान’: स्टडी

मौसम में बदलाव आते ही दिल्ली समेत देश की आबो हवा खराब होने लगी है. इसी कड़ी में अब एक अमेरिकी थिंकटैंक ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि भारत में वायु प्रदूषण काफी ख़तरनाक स्थिति में है.

थिंकटैंक की रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि पिछले साल 1.16 लाख छोटे बच्चों की जान सिर्फ वायु प्रदूषण की वजह से चली गई.वहीं, पूरी दुनिया की बात करें तो वहां करीब 5 लाख छोटे बच्चों की मौत हो गई.

रिपोर्ट में कहा गया है कि वायु प्रदूषण असामयिक मौत का चौथा सबसे बड़ा कारण है. दुनियाभर में सिर्फ 1 साल में करीब 66 लाख लोगों की जान इससे चली गई है. छोटे बच्चों की करीब 50% मौत के लिए PM 2.5 की वैल्यू जिम्मेदार है.

वायु प्रदूषण की वजह से क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव प्लमोनरी डिसीज, डाइबिटीज, हृदय रोग और लोअर रेस्पिरेटरी इंफ्केशन जैसी बीमारियां हो रही हैं और लोगों की जान जा रही है. इन रोगों में सांस नली में ऑक्सीजन की सप्लाई रुक जाती है.

दूसरी तरफ इस रिपोर्ट में कहा गया है कि ज्यादातर छोटे बच्चों की मौत जन्म के समय कम वजन और प्री मेच्योर बर्थ की वजह से हुई है. इसके पीछे का कारण प्रेग्नेंसी के समय महिलाओं के जहरीली हवा के संपर्क में आना है.

दुनिया में हाई ब्लड प्रेशर की वजह से करीब 1 करोड़ मौतें, तंबाकू से करीब 87 लाख, आहार संबंधी बीमारियों से करीब 79 लाख मौते हुई हैं. इसके बाद सबसे ज्यादा मौतों का कारण वायु प्रदूषण है.

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