कोरोना को रोकने के लिए रियायत नहीं :स्वास्थ्य मंत्रालय

नई दिल्ली. देश में कोरोना के मामले जिस तरह से बेहताशा बढ़ते जा रहे हैं वो चिंताजनक है. देश के 170 जिलों को हॉट स्पॉट घोषित किया गया है. इन इलाकों में कोरोना के अधिकतर मामले दर्ज किए गए हैं.

वहीं देश भर में 207 जिले ऐसे हैं जहां कोरोना के मामले देखने को मिले हैं. देश के अलग अलग हिस्सों में कोरोना के मामले मिलने के आंकड़े अलग हैं. इन्हीं आकड़ों के आधार पर देश के सभी राज्यों के जिलों को तीन भागों में बांटा गया है.

इसमें सबसे पहला है रेड जोन. ये वो जोन है जहां हॉटस्पॉट हैं. यानी जहां कोरोना के सबसे अधिक मामले सामने आए हैं. इन इलाकों में कोरोना संक्रमण की तादाद तेज रफ्तार के साथ बढ़ रही है. इसके बाद बनाए गए हैं नॉन हॉटस्पॉट जिले. ये वो जिले हैं जहां कोरोना के मामले सामने आए हैं, मगर कम. इसके अलावा एक और जोन बनाया गया है ग्रीन जोन. इस जोन में वो जिले हैं जहां कोरोना संक्रमण का एक भी मामला देखने में नहीं मिला है.

केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने भी देश में बनाए गए जोन के बारे में बुधवार को बताया. उन्होंने कहा कि रेड जोन में कोरोना से निपटने के लिए खास योजना तैयार की गई है. रेड जोन वाले इलाकों में लॉकडाउन पूरी तरह से लागू रहेगा. यहां किसी तरह की पाबंदी से रोक नहीं हटाई जाएगी. इन इलाकों में लोगों के आने जाने पर भी पूरी तरह से रोक लगी रहेगी.

मेडिकल कर्मचारी और संबंधित विभाग के लोग इन स्थानों पर डोर टू डोर सर्वे, टेस्टिंग औ कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग का काम कर रहे हैं. ये सभी कदम कोरोना को रोकने के लिए उठाए जा रहे हैं.

संयुक्त सचिव ने आगे बताया कि देश में 207 जिले ऐसे भी जैं जहां कोरोना के एक या इससे अधिक मामले देखने को मिले हैं. इन जिलों में भी पाबंदी लगाई गई है. जिला स्तर पर स्वास्थ्य कर्मचारियों को जरूरी ट्रेनिंग दी जा रही है.

20 अप्रैल से पहले राहत नहीं

आपको बता दें कि आज से लॉकडाउन 2 की शुरूआत हो चुकी है. इस दौरान कोरोना प्रभावित जिलों में 20 अप्रैल से पहले किसी तरह की कोई राहत नहीं दी जाएगी.

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