कोरोना के साये में दिल्ली के अस्पताल, डॉक्टर समेत 37 कर्मचारी की रिपोर्ट पॉजिटिव

एक तरफ दिल्ली के अस्पतालों में कोरोना वायरस के संक्रमितों का दिन-रात इलाज करने में डॉक्टर, नर्स और अन्य मेडिकल स्टाफ लगा हुआ है. मगर इलाज करने वाले खुद भी इस कोरोना वायरस की चपेट से बच नहीं पा रहे हैं.

पहले भी दिल्ली में कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जिनमें डॉक्टर समेत हॉस्पिटल स्टाफ के कोरोना संक्रमित होने की बात सामने आई है. ऐसा ही एक मामला फिर से सामने आया है.

बाबू जनजीवन राम अस्पताल में केस

इस बार दिल्ली के बाबू जग जीवन राम अस्पताल में कुल 39 कोरोना संक्रमित पाए गए हैं. इसमें डॉक्टर के अलावा अन्य स्टाफ भी शामिल हैं. इससे पहले भी अस्पताल मे 14 कोरोना पॉजिटिव सामने आ चुके हैं.

कोरोना पॉजिटिव निकले डॉक्टर

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने भी इस बात की पुष्टि की है. उन्होंने मीडिया को बताया कि जहांगीरपुरी के बाबू जगजीवन राम अस्पताल के सीनियर अधिकारी ने भी जानकारी दी की अस्पताल के कई डॉक्टर और अन्य स्टाफ कोरोना संक्रमित हो गए हैं.

हालांकि सूत्रों ने कहा है कि इन लोगों को क्वारंटाइन में नहीं रखा गया है, जो हैरान करने वाली बात है. पॉजिटिव होने के बाद भी इन्हें ड्यूटी करने पड़ रही है.

ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सरकार को न डॉक्टरों के स्वास्थ्य की चिंता है और न ही अस्पताल में इलाज कराने आ रहे मरीजों की. अगर इन सभी पॉजिटिव लोगों को क्वारंटाइन नहीं किया गया है तो चाहे लॉकडाउन जारी रहे मगर कोरोना के नए मामले सामने आने से कोई नहीं रोक सकता.

डॉक्टरों के लिए हो स्पेशल अस्पताल

कोरोना वायरस संक्रमितों का इलाज करते हुए कई डॉक्टर और मेडिकल कर्मचारी कोरोना संक्रमण का शिकार हो रहे हैं. इसी को देखते हुए URDA ने दिल्ली के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है. इसमें अध्यक्ष डॉ. मनु गौतम ने मांग की है कि पीड़ित डॉक्टरों के लिए अलग से अस्पताल मुहैया कराया जाए ताकि पीड़ित डॉक्टरों व मेडिकल कर्मियों का ज्यादा जल्दी इलाज हो सके और वो ठीक होकर दोबारा अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें.

The Depth

TheDepth is India's own unbiased digital news website.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *