चीन से अब नहीं होगा कोई व्यापार, कंपनियों को दिया टेंडर वापस करे सरकार

नई दिल्ली. इस समय देश में कोरोना संकट के साथ ही देश की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर स्थिति पैदा हो गई है. सीमा पर चीन और भारत के बीच गतिरोध जारी है. सरकार भी सेनाओं के साथ मिलकर लगातार उच्च स्तरीय बैठकें कर रही है. बुधवार को भी दिन भर बैठकों का दौर जारी रहा.

बीते दिनों जिस तरह चीन पर कोरोना संक्रमण फैलाने का आरोप दुनिया भर ने लगाया और इस समय जारी स्थिति को देखते हुए कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने भी देश और सरकार के साथ आकर अपनी तरफ से देशभक्ति और सेवा दिखाई है. LAC पर चीन के सैनिकों द्वारा भारतीय सैनिकों पर हुए हमले की निंदा करते हुए कैट ने कहा कि अब समय है कि चीनी उत्पादों का सीरे से बहिष्कार किया जाए.

भारत निर्मित वस्तुओं को बढ़ावा देने वाले पीएम मोदी के आत्मनिर्भर अभियान को भी अब आगे बढ़ाने में इसस मदद मिलेगी. कैट ने सरकार से मांग की है कि चीनी कंपनियों को दिए गए ठेकों को रद्द करे. भारतीय स्टार्टअप में चीन की कंपनियों के निवेश को भी वापस करने के लिए सख्त नियम बनाए जाएं. आज के समय में ऐसे कड़े कदम उठाने जरूरी हैं ताकि चीन को उसके बर्बरतापूर्ण व्यवहार से अवगत कराया जाए.

इस संबंध में कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि हाल के घटनाक्रमों और भारत के प्रति चीन के लगातार रवैये के मद्देनजर, भारतीय व्यापारियों ने संकल्प लिया है चीनी आयात को कम करके चीन को एक बड़ा सबक सिखाएं. कैट द्वारा दिसम्बर निर्धारित एक लाख करोड़ के लक्ष्य को हासिल करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे. भले ही व्यापारियों का व्यापार चीन से आयात हो रहा है, लेकिन फिर भी उनके लिए राष्ट्रीय हित से पहले कुछ नहीं होगा. देश के व्यापारियों ने आंदोलन के साथ एकजुटता से खड़े होने का फैसला किया है.

अध्यक्ष बीसी भरतिया ने सरकार से आग्रह किया कि चीन पर एक मजबूत स्थिति बनाई जाए. बीते कुछ महीनों से चीनी कंपनियां विभिन्न सरकारी अनुबंधों में बहुत कम दरों पर बोली लगा रही हैं. ऐसे में वो कई सरकारी परियोजना के टेंडर हासिल करने में सफल हुई है. चीन के अड़ियल रूख को देखते हुए सरकार को लागत में मामूली अंतर होने के बावजूद भारतीय कंपनियों को यह अनुबंध देने चाहिए.

चीन के सामानों की न हो ब्रांडिंग

इन दिनों किसी प्रोडक्ट की एड करने का एक आम तरीका टीवी हो गया है, जिसमें अधिकतर फिल्म स्टार, स्पोर्ट्स पर्सनैलिटी नजर आती है. सभी को चीन की कंपनियों के एड को एंडोर्स करना बंद करना चाहिए. इस समय आम जनता और सैलेब्रिटी को एकजुट होकर देश की जनता की भावनाओं, देश के सैनिकों की भावनाओं के साथ सम्मान के साथ खड़े रहना चाहिए.

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