भारत में चंद्र ग्रहण होगा कल, इस समय नहीं करने होंने ये काम

  • वास्तविक नहीं उपछाया चंद्र ग्रहण
  • 21 जून को होगा वार्षिक सूर्य ग्रहण

नई दिल्ली. साल का दूसरा चंद्रग्रहण की घटना 5 जून और 6 जून की मध्यांतर की रात को होने वाली है. साल 2020 में 10 जनवरी में पहला सूर्य ग्रहण लगा था. चंद्रग्रहण 5 जून की रात को होगा और यह 6 जून के शुरुआती घंटों तक चलेगा. आपको बता दे की, 5 जून को यह चंद्र ग्रहण यूरोप, अफ्रीका, एशिया और ऑस्ट्रेलिया से दिखाई दे सकता है. यह ग्रहण वास्तविक चंद्र ग्रहण ना होकर एक उपछाया चंद्र ग्रहण होगा. इसे आमतौर पर एक नियमित पूर्णिमा से अलग करना मुश्किल होता है.

क्यों आता है चंद्र ग्रहण?

चंद्र ग्रहण को एक विशेष घटना के रूप में माना जाता है. यह तब होता है, जब चंद्रमा पृथ्वी की छाया में चला जाता है. या जब पृथ्वी सूर्य के प्रकाश को चंद्रमा से टकराती है. एक चंद्र ग्रहण केवल तब हो सकता है जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा बारीकी से अलाइन हो. और पृथ्वी इन दोनों के बीच में हो. परंतु कल लगने वाला ग्रहण उपछाया चंद्र ग्रहण है. इसके कारण, सूतक अवधि इस वर्ष मान्य नहीं होगी. उपछाया ग्रहण के दौरान, सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा को उचित रूप से संरेखित नहीं किया जाता है. इस प्रकार, इस समयन तो मंदिरों के दरवाजे बंद होंगे और न ही किसी धार्मिक कार्य को धार्मिक रूप से मना किया जाएगा. इसका कोई महत्व या प्रतिकार नहीं होगा.

सूतक काल क्या होता है?

सूतक काल चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण दोनों समय लगता है. विज्ञानकों के अनुसार सूतक को उस समय के लिए संदर्भित किया जाता है. जब आपको किसी भी शुभ कार्य को करने से प्रतिबंधित किया गया हो. लोगों को इस अवधि के दौरान देवी या देवताओं की मूर्ति को छूने से मना किया जाता है. यहां तक ​​कि मंदिरों के दरवाजे भी बंद कर दिए जाते है. सूतक काल चंद्र और साथ ही सूर्य ग्रहण के दौरान होता है. यह चंद्र ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले शुरू होता है. और वही सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले शुरू होता है.

जानिए चंद्र ग्रहण की अवधि

  • चंद्र ग्रहण का समय शुरू- 5 जून को रात 11:15
  • परमग्रास चंद्र ग्रहण- 6 जून को दिन के 12:54 बजे
  • उपछाया चंद्र ग्रहण से अंतिम स्पर्श- 6 जून को दोपहर 2:34 में
  • चंद्र ग्रहण का कुल समय- 3 घंटे और 18 मिनट

चंद्र ग्रहण के दौरान क्या नहीं करना चाहिए

  • लोगों को ग्रहण की अवधि में किसी भी तरह का शुभ कार्य नहीं करना चाहिए. इस समय भगवान की अराधना करना भी निषेध होता है.
  • इस समय लोगों को किसी भी तरीके भोजन या पेय के सेवन से बचना चाहिए.
  • इस अवधि के दौरान मंदिरों और पूजा स्थलों के दरवाजे बंद कर देने चाहिए.
  • गर्भवती महिलाओं को घर के अंदर रहना चाहिए. यह इसलिए क्योंकि अजन्मे बच्चे पर नकरात्मक प्रभाव पड़ सकता है.
  • ग्रहण के दौरान सोना नहीं चाहिए.

चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करना चाहिए

  • ग्रहण समाप्त होने के बाद, लोगों को स्नान करना चाहिए.
  • गंगाजल से घर पर मंदिरों और पूजा स्थलों की सफाई करनी चाहिए.
  • लोगों को अपने पूर्वजों को याद करना चाहिए. इस दिन चीजों का दान करना चाहिए.
  • अपने घरों से नकरात्मक ऊर्जा हटाने के लिए गंगाजल में तुलसी के पत्ते को डालकर पूरे घर में छिड़काव करना चाहिए.
  • घरों में धूप या अगरबत्ती जला के रखे.

Anjali Kumari

Aspiring news reporter and radio jockey.

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