इस बीमारी वालों के लिए कोरोना और प्रदूषण हो सकता है जानलेवा, पढ़ें पूरी खबर

नई दिल्ली. कोरोना वायरस संक्रमण का खतरा अब भी देश-दुनिया में बना हुआ है. इसी बीच प्रदूषण भी एक बहुत बड़ी समस्या बनी हुई है. कोरोना वायरस के इस काल में प्रदूषण के कारण सबसे अधिक नुकसान डायबिटीज के मरीजों को होने की संभावना है. डब्लूएचओ ने हाल ही में एक सर्वे किया है जिसमें सामने आया कि 91 प्रतिशत लोग ऐसे इलाकों में रहते हैं जहां प्रदूषण का सबसे अधिक खतरा हो सकता है.

जानते हैं वो कारण जिनसे प्रदूषण और कोरोना डायबिटीज के मरीजों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है. ये भी जानते हैं कि इस समस्या से बचाव कैसे हो सकता है. दरअसल कोरोना एक ऐसी बीमारी है जिसका इलाज कई महीनों के प्रयास के बाद भी नहीं मिल रहा है.

कोरोना वो बीमारी है जिसका असर फेफड़ों, किडनी को डैमेज कर देता है. डॉक्टर कई बार इस बात का जिक्र कर चुके हैं कि जिन लोगों को पहले से कोई शारीरिक समस्या है या फिर जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है, उनके लिए कोरोना जानलेवा साबित हो सकता है.

ऐसे हो सकता है बचाव

  • अगर आप डायबिटिज के रोगी हैं तो कोशिश करें कि इन दिनों घर से बाहर बिलकुल न निकलें. अगर बहुत जरूरत हो तभी घर से बाहर कदम निकालें. कोरोना काल के दिनों में आप जितना अधिक समय घर पर रहेंगे उतना ही आपके लिए और आपके शरीर के लिए अच्छा साबित होगा.
  • अगर किसी काम के लिए आपको घर से निकलना पड़ रहा है तो मास्क के बिना घर से बाहर न निकलें. मास्क वायरस से बचाने में आपकी पूरी मदद करता है.
  • सैनेटाइजर का इस्तेमाल इन दिनों बहुत बढ़ा है. सैनेटाइजर साथ रखने के कई फायदे हैं. साबुन और पानी की कमी होने पर समय समय पर हाथ धोते रहें और इन दिनों लोगों से हाथ मिलाने से परहेज रखें. लोगों के दूरी बनाए रखें. साथ ही ध्यान रखें कि आप अपने चेहरे और आंखों पर बार बार हाथ न लगाएं.
  • रोजाना के दिनों में भी डायबिटीज को नियंत्रण में रखना बहुत जरूरी होता है. रोजाना अपने डायबिटीज को नियमित समय पर चेक करें. अगर शुगर लेवल कम या अधिक आता है तो, डॉक्टर से तत्काल संपर्क करें.
  • डायबिटीज और प्रदूषण शरीर के लिए कई तरीकों से हानिकारक होता है. मगर अगर नियमित तौर पर इस ओर ध्यान दिया जाए तो इस परेशानी से बचा जा सकता है.

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