दिल्ली सरकार ने लॉकडाउन का मकसद किया फेल

लॉकडाउन 3 के पहले दिन दिल्ली में शराब की दुकानें खोली गई. दिल्ली सरकार के इस निर्णय के बाद सामने आया की न सिर्फ बड़ी संख्या में लोग घरों से बाहर निकले बल्कि सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां भी उड़ाई गई. दुकानें खुलने से पहले ही दुकानों के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिस कारण सोशल डिस्टेंसिंग एक मजाक बनकर रह गई.

दिल्ली के भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने दिल्ली सरकार के इस फैसले की निंदा करते हुए कहा कि शराब की दुकानें खुलने से दिल्ली में कोरोना महामारी के संक्रमण का तेजी से बढ़ सकते हैं. सरकार को बिना कोई ठोस योजना तैयार किए इसे शुरू नहीं करना चाहिए था. उन्होंने कहा कि पहले भी सरकार लंबे समय तक सोती रही, यही कारण है कि आज पूरी दिल्ली रेड जोन में है. दिल्ली के हालात को लेकर सभी चिंतित हैं.

गौरतलब है कि दिल्ली में रोजाना कोरोना वायरस से संक्रमण के कई मामले सामने आ रहे हैं. रेड जोन के अंतर्गत होने के बाद भी दिल्ली सरकार इसे गंभीरता से नहीं ले रही है. केंद्र सरकार की ओर से दिल्ली को पूरा सहयोग मिल रहा है मगर राज्य सरकार आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने से बाज नहीं आ रही है.

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार से मेरा अनुरोध है कि दिल्ली के लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न करते हुए संकट के समय दिल्ली के लोगों के स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर कोई राजनीति न करें. इस समय लोगों की कोरोना वायरस के संक्रमण से दूर रखना ज्यादा जरूरी है. बिना योजना के इस तरह का कदम उठाना दिल्ली के लोगों के हित में नहीं है.

वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि दिल्ली में शराब की दुकान खोलने के फैसले की बजाए दिल्ली सरकार को दिल्ली के हालातों को गंभीरता से लेते हुए दूसरे कई कड़े कदम उठाने जरूरी हैं. जिस रफ्तार से दिल्ली में मामले बढ़ रहे हैं वो चिंताजनक है. केंद्र सरकार कई नियम बना रही है, राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि उन्हें सख्ती से लागू करे. अगर नियम लागू नहीं होंगे और उनका पालन नहीं होगा तो इसका परिणाम दिल्ली के लोगों के स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं होगा.

छूट सकती थी लत
सांसद मीनाक्षी लेखी ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान शराब की लत छुड़ाने का सबसे आसान तरीका था. अगर दुकानें खुल रही हैं तो इसमें दोनों ही पक्षों का दोष है. शराब की दुकानों को खोलकर दिल्ली सरकार ने लॉक डाउन के तीसरे चरण को लागू करने के मकसद को फेल कर दिया है. सरकार अगर अब भी नहीं जागी तो ये दिल्ली वालों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है.

विधायक विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि लॉकडाउन के पहले ही दिन से कोराना वैश्विक महामारी जैसी गंभीर समस्या पर दिल्ली सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए. यही कारण रहा कि कोरोना के मामले लगातार बढञते रहे. वहीं आज फिर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किए बिना शराब की दुकानों के बाहर भीड़ जमा हुई. इस भीड़ के कारण दिल्ली में अन्य लोगों को संक्रमण का खतरा हो सकता है. सरकार को तत्काल ये दुकानें बंद करानी चाहिए. तय रणनीति के साथ ही इन दुकानों को खोलना चाहिए.

The Depth

TheDepth is India's own unbiased digital news website.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *