सरकार के फैसले का डॉक्टरों ने किया स्वागत

केंद्र सरकार ने आज यानी बुधवार को हई कैबिनेट बैठक में कई तरह के फैसले किए हैं. इसमें सबसे महत्वपूर्ण है कि मेडिकल फील्ड से जुडे कर्मी चाहे डॉक्टर हो या नर्स या अन्य स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार की शिकायत मिलने पर दोषी को जेल जाना होगा या 6 लाख जुर्माने के देने होंगे.

सरकार के इस फैसले का मेडिकल फ्रेटर्निटी ने काफी समर्थन किया है. यूनाइटेड रेजिडेंट एंड डॉक्टर एसोसिएशन इंडिया ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है. सरकार ने आज को अध्यादेश जारी किया है इससे हेल्थ केयर से जुड़ें कर्मियों का काफी राहत मिली है. इस मांग के लिए हमने पीएम मोदी, राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय को भी पत्र लिखा था.

सरकार के इस फैसले को लेकर एसोसिएशन के डॉक्टर मनु गौतम ने कहा कि हम सरकार का शुक्रिया करते हैं कि उन्होंने इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर डॉक्टरों व मेडिकल कर्मियों के हितों को समझा और उनकी रक्षा करने के लिए कदम उठाए. मगर सरकार ने आज जो फैसला किया है वो मेडिकल कर्मियों की परेशानियों का स्थाई समाधान नहीं है.

मेडिकल फील्ड में काम कर रहे कर्मियों की सुरक्षा के लिए सरकार को हमारी और भी मांगे हैं जिनपर गौर करना होगा. हमारी सरकार से मांग है कि सरकार केंद्रीय सुरक्षा एक्ट लेकर आए. साथ ही इसे लागू कराने के लिए भी पर्याप्त कदम उठाए. वहीं स्वास्थ्य कर्मियों के लिए लाए गए इस अध्यादेश को लेकर डॉक्टरों ने कई दुविधाएं भी साझा की है.

सरकार से पूछा है कि नए अध्यादेश के तहत दी गई सुविधाएं हर अस्पातल में कार्यरत मेडिकल स्टाफ के लिए हैं या ये सिर्फ कोरोना वायरस संबंधित ड्यूटी में लगे डॉक्टरों, नर्सो और मेडिकल स्टाफ के लिए है.

इसके अलावा ये भी साफ नहीं किया गया है कि डॉक्टरों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार के मामले में केस संबंधित डॉक्टर को लड़ना होगा या फिर संबंधित संस्था इस केस में काम करेगी.

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