लॉकडाउन बढ़ने से किरायेदारों और मकान मालिकों मे दरार

  • पीजी/ फ्लैट के किराये से परेशान है डीयू के छात्र
  • छात्रसंघ ने मकानमालिको के लिए मुआवजे की मांग की

नई दिल्ली. लॉकडाउन बढ़ने से दूसरे शहरों में रहने वाले छात्र अपने घर आ गए है. कमरा खाली ना करने के वजह से पीजी/ फ्लैट के मालिक उनसे किराए का दावा कर रहे है. दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ ने डीयू में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं से पीजी / फ्लैट मालिकों द्वारा जबरन किराया वसूली का विरोध किया है. कुछ छात्र-छात्राओं ने पीजी मालिकों किराए संबंधी मामले पर चर्चा की.

जबरदस्ती किराया मांगने को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के पदाधिकारियों से सम्पर्क किया था. जिसके उपरांत डूसू ने पीजी मालिकों से बात की है. तथा उनके जबरन किराया वसूलने का विरोध किया. डूसू ने पीजी मालिकों को कहा है कि छात्रों से जबरन किराया न वसूला जाए तथा फ्लैट/पीजी में उनके सामान की सुरक्षा सुनिश्चित किया जाए.

मकानमालिकों का क्या कहना है?

किराये की यह समस्या जब प्रशासन तक पहुची तो मकानमालिको ने भी अपना पक्ष सामने रखा. उनका कहना है कि वह बेरोजगार है. वह अपने खर्चों के लिए किरायेदारों के किराये पर निर्भर है. अगर उन्हें किराया समय पर नहीं मिलेगा तो उनके लिए परेशानी उत्पन्न होगी. उन्हें बिजली का किराया, लोन ईएमआई, हमारे बच्चों की फीस तथा अन्य घरेलू खर्चे देखने है. इसके लिए वह फ्लैट/ पीजी के किराये पर ही निर्भर है.

प्रशासन से क्या बात हुई?

हाल ही में, छात्रसंघ द्वारा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक पत्र भेजा गया. जिसमें लॉकडाउन खत्म होने तक छात्र किरायेदारों का किराया माफ करने के मांग की गई. संघ ने किरायेदारों और मकान मालिको की मांग सामने रखी है. जो केवल जीवित रहने के लिए किराए पर निर्भर हैं. पत्र में लिखा गया, “चूंकि कई छात्र किराए और बेदखली के भुगतान से संबंधित मुद्दों का सामना कर रहे हैं. हमारा संबंधित प्रशासन से अनुरोध है, कि जल्द से जल्द एक संशोधित आदेश जारी किया जाए. छात्रों के लिए किराये की माफी की संभावना का पता लगाएं. और सरकार द्वारा मकान मालिको को मुआवजा दिया जाए.”

छात्रसंघ की मांग

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ ने सार्वजनिक रूप से फ्लैट और पीजी मालिकों से अनुरोध किया है. उनका कहना है कि, छात्रों के समक्ष इस समय अन्य बड़ी समस्याएं हैं. उन्हें किराये को लेकर धमकी देना बंद होना चाहिए. साथ ही उनके साथ सहानुभूति पूर्ण व्यवहार होना चाहिए.

डूसू उपाध्यक्ष प्रदीप तंवर ने कहा कि, “हमने उन पीजी मालिकों से बात किया है. जिस जगह से छात्रों की समस्याएं आ रहीं थीं. यह पीजी कमलानगर, लाजपत नगर, मुखेर्जिनगर जैसे स्थान पर हैं. यहां पर बड़ी संख्या में डीयू के छात्र रहते हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ, किराया संबंधी स्थिति पर लगातार नजर रख रही है. हम छात्रों तथा पीजी मालिकों दोनों के टच में है. हम छात्रों पर किराया संबंधी दबाव नहीं बनने देंगे. और उनका सामान सुरक्षित रहे, इसका भी ध्यान दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ कर रहा है”.

Anjali Kumari

Aspiring news reporter and radio jockey.

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