नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना के हैं दो शुभ मुहूर्त, इन बातों का रखना होगा ख्याल

नई दिल्ली. शारदीय नवरात्र शनिवार यानी 17 अक्टूबर से शुरु होने वाले हैं. नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा की प्रतिमा और घट यानी कलश स्थापना की जाएगी. इस कलश स्थापना के बाद ही नवरात्रि की शुरुआत मानी जाती है. माना जाता है कि नवरात्रि पर घट स्थापना से सुख समृद्धि और धन लाभ की स्थिति बनती है. इस बार अमृत और स्वार्थ सिद्धि के शुभ योग के बीच ही घट स्थापना की जाएगी.

ये है घट स्थापना की विधि

  • पवित्र स्थान की मिट्टी से वेदी बनाएं. इसमें जौ, गेहूं को बोएं. फिर उनके ऊपर तांबे या मिट्टी के कलश की स्थापना करें. कलश के ऊपर माता की मूर्ति या माता का चित्र रखें.
  • कच्ची मिट्टी से बनी मूर्ति या ऐसी मू्र्ति जिसके खंडित होने की संभावना अधिक हो उसे बचाने के लिए मूर्ति के ऊपर शीशा लग दें.
  • अगर स्थापना के समय मूर्ति न हो तो कलश पर स्वास्तिक बना सकते हैं. इस कलश पर मां दुर्गा के चित्र और शालिग्राम की स्थापना करें. साथ ही भगवान विष्णु की पूजा भी करें.
  • नवरात्र के व्रत के आरंभ में स्वास्तिक वाचन शांतिपाठ कां संकल्प करें. सबसे पहले भगवान श्रीगणेश की पूजा करें. इसके साथ ही मातृका, लोकपाल, नवग्रह व वरुण का पूरे विधि विधान से पूजन करें. अंतत: मुख्य मूर्ति या चित्र की पूजा करें.
  • मां दुर्गा की पूजा में महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की पूजा और श्रीदुर्गासप्तशती का पाठ नौ दिनों तक रोजाना नियमानुसार करनी चाहिए.

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