निगम शिक्षकों का शोषण बंद करे दिल्ली सरकार

दिल्ली में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. इससे होने वाले मौतों की संख्या भी बढ़ रही है. रविवार को कोरोना संक्रमण से उत्तरी दिल्ली नगर निगम में कार्यरत एक टीचर की मौत का मामला भी सामने आ चुका है.

वहीं नगर निगम के शिक्षकों के बीच इस घटना को लेकर बेहद रोष है. निगम के प्रिंसिपलों और शिक्षकों का कहना है कि सरकार को निगम शिक्षकों की ड्यूटी राशन बांटने से हटानी चाहिए.

नगर निगम शिक्षक संघ का कहना है कि दिल्ली सरकार द्वारा चलाई जा रही जन आहार योजना की ड्यूटी से नगर निगम के प्रधानाचार्यो और शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है. बीते 40 दिनों के अधिक समय से चल रही इस ड्यूटी से निगम शिक्षकों को मुक्त किया जाए.

शिक्षक संघ का कहना है कि निगम हो या दिल्ली सरकार दोनों ही शिक्षकों को किसी तरह की सुविधाएं मुहैया नहीं करा रहा है. ऐसे में अगर जन आहार योजना या राशन बांटने की योजना में निगम शिक्षकों की सेवा लेनी है तो शिक्षकों की सुरक्षा का ध्यान भी सरकार-प्रशासन को रखना होगा.

अगर हमारी सुरक्षा की गारंटी निगम प्रशासन और सरकार नहीं लेती है तो सरकार शिक्षकों की ड्यूटी भी न लगवाए. शिक्षकों ने मांग की है कि समय समय पर विभाग द्वारा शिक्षकों की स्क्रीनिंग करवाई जाए.

राशन वितरण केंद्र पर ड्यूटी करने वाले शिक्षकों की हर 15 दिनों में कोरोना की जांच करवाई जाए. वहीं दिल्ली सरकार ने एक करोड़ रूपये की बीमा योजना की घोषणा की है, उस योजना में निगम के शिक्षकों को भी शामिल किया जाए.

मसलन अगर किसी शिक्षक की कोरोना ड्यूटी के दौरान मौत हो जाती है कि उसके परिवार या उसके आश्रितों को कंपन्सेशन अमाउंट के साथ हर तरह की सुविधा भी दी जाए. साथ ही संघ ने नौकरी देने की भी मांग की है. इसके अलावा शिक्षकों ने मांग की है कि निगम शिक्षकों की ड्यूटी राशन वितरण केंद्र से हटाकर अब दिल्ली सरकार के कर्मचारियों की ड्यूटी यहां लगाई जाए.

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