कोरोना वॉरियर्स के लिए होनी चाहिए यातायात की अलग सुविधा

  • कोरोना वारियर्स की लिए दी गई सुविधाओं को और दुरुस्त करने की आवश्यकता
  • भारत एकजुट होकर कर रहा है कोरोना वायरस का सामना

नई दिल्ली. भारत के साथ पूरी दुनिया कोरोना वायरस वैश्विक महामारी से जूझ रहा है. अलग-अलग देशों के वैज्ञानिक इसकी वायरस की वैक्सीन बनाने में जुटे हुए है. भारत सरकार लोगों को घर में रहने व सामाजिक दूरी बनाए रखने को प्रेरित कर रही है. लॉकडाउन के बावजूद देश के स्वास्थ्य कर्मचारी, पुलिस, निगम कर्मचारी अपनी जान की परवाह ना करते हुए अपना कर्तव्य निभा रहे हैं.

कोरोना वॉरियर्स के लिए सरकार किस हद तक सुविधाएं दे रही है इसका उदाहरण निगम शिक्षक हैं जो कोरोना संक्रमण के कारण मौत का शिकार हो गए. सरकार कोरोना वॉरियर्स को न ही पीपीई किट मुहैया करा पाई है न ही मास्क जैसी मूलभूत सुविधाएं. वहीं कोरोना वॉरियर्स को इन दिनों ट्रैवल करने में भी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता विनोद कुमार चौहान का कहना है कि कोरोना वारियर्स के लिए यातायात की अलग सुविधा होनी चाहिए. इस वायरस का खतरा स्वास्थ्य कर्मचारी की तरह सभी अन्य लोगों को है जो इस परिस्थिति में भी काम करने को मजबूर है. कुमार ने कहा कि मैंने कई बार रोड पर देखा है की लोग ऑफिस जाने के लिए अनजान लोगो से लिफ्ट मांग रहे है. ऑफिस समय से पहुचने की भाग दौड़ में वह अपनी आत्‍मसुरक्षा को नजरअंदाज कर देते हैं.

विनोद कुमार चौहान ने महिलाओं की सुरक्षा पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि कई महिलाएं ऑफिस जाने को मजबूर हैं. पर्याप्त संख्या में बस, ऑटो नहीं होने के कारण उन्हें लोगों से लिफ्ट लेनी पड़ रही हैं. ये कदम महिलाओं के लिए भयंकर साबित हो सकता है. उन्होंने कहा कि आजकल अंजान व्यक्ति भी लिफ्ट देने में डर रहे हैं. सरकार को कोरोना वॉरियर्स के लिए यातायात की सुविधा मुहैया करानी चाहिए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समय-समय पर देश को संबोधित करने को विनोद कुमार ने सराहा है. इनका कहना है कि, सरकार कोरोना वारियर्स के उत्साह के लिए किए गए कार्य सराहनिए है. जनता कर्फ्यू को संध्या 5 बजे ताली, थाली और घंटी एकजुट होकर बजाना देश की एकता दर्शाता है. 5 अप्रैल को रात्रि 9:00 बजे घर की बतिया बंद करके दीपक, मॉमबत्ती, टार्च जलाकर पूरा देश सुसज्जित हो उठा. कोरोना वारियर्स के पास उचित परिवाहन सुविधा ना होने पर भी उनके तरफ से काम में कोई कमी नहीं देखी गई है.

Anjali Kumari

Aspiring news reporter and radio jockey.

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