लॉकडाउन में घर बैठे सीखिए विदेशी भाषाएं, ये यूनिवर्सिटी दे रही मौका

इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) के एजुकेशन एफएम चैनल्स ‘ज्ञान वाणी’ एफएम 105.6MHz पर आज से कोरियन और पर्शियन लैंग्वेज सिखाई जाएगी. छात्रों को ये खास सुविधा आज से मुहैया कराई जा रही है ताकि वो समय पर अपनी स्किल्स को बेहतर बना सके. अपनी स्किल्स में सुधार ला सकें.

लॉकडाउन के दौरान जब सभी लोग घरों में रहने को मजबूर हैं तो समय की भी कोई कमी नहीं है. ऐसे में इग्नू ने एक मई यानी शुक्रवार से ज्ञानवाणी कार्यक्रम के जरिए डॉकडाउन का सही से इस्तेमाल करने का तरीका दिया है.

गौरतलब है कि युवाओं के लिए किसी भी तरह की भाषा सिखना करियर के लिहाज से एक अच्छा विकल्प है. नई भाषा सिखना अपने आप में उपयोगी होता है. अगर वो भाषा विदेशी हो तो इसके फायदे भी कहीं अधिक होते हैं. ज्यादा जानकारी के लिए इग्नू की आधिकारिक वेबसाइट पर भी जा सकते हैं.

सुबह आएगा प्रोग्राम

इग्नू के आधिकारीक बयान में कहा गया है कि कोरियन और पर्शियन भाषा सुबह 9 बजे से 9.30 बजे तक 105.6MHz पर सुन सकते हैं. आपको बता दें कि कोरियन भाषा दक्षिण कोरिया, उत्तर कोरिया और चीन के यान्बियन कोरियन ऑटोनॉमस प्रीफेक्चर की ऑफिशियल भाषा है.

आपको बता दें कि कोरियन एक काफी कठिन भाषा मानी जाती है. इसे सिखने में काफी वक्त लगता है मगर जो इस भाषा पर पकड़ बना लेते हैं उनका करियर नई उंचाईयों पर पहुंचता है.

वहीं अगर पर्शियन भाषा की बात करें तो ये ईरान, तजाकिस्तान की राजभाषा है. कई करोड़ लोग इस भाषा को बोलते हैं. इस भाषा का भारत के इतिहास के साथ बहुत पुराना ताल्लुक रहा है.

ये होते हैं करियर ऑपशंस

एक बार जब आप किसी भाषा पर पकड़ बना लेते हैं तो रोजगार के कई अवसर आपके सामने खुल जाते हैं. सबसे पहले आपकी पर्सनैलिटी एक बहुभाषी के तौर पर बनेगी. इसके बाद आप अनुवाद (ट्रांसलेशन), भाषांतर (इंटरप्रिटेशन), प्रतिलेखन (कॉपीराइटिंग), ट्यूटरिंग (ऑनलाइन ट्यूटरिंग), गाइड के अलावा कई तरह की नौकरियां कर सकते हैं.

दिमागी क्षमता का होता है विकास

जिन लोगों में रिसर्च की मानें तो नई भाषा सिखने व ज्यादा से ज्यादा भाषाएं सिखने की ललक होती है उसका उन्हें काफी फायदा मिलता है. सबसे बड़ा फायदा तो ये कि उनकी दिमागी क्षमताओं का विकास होता है. ज्यादा भाषाओं का ज्ञान रखने वालों में बेहतर संवाद के गुण होते हैं.

रोजगार के अवसर बढ़ेंगे

ज्यादा भाषाएं आने से रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं. संबंधित भाषा का ज्ञान होने से उस भाषा की कंपनी या क्षेत्र में जाकर नौकरी करना भी संभव होता है. ऐसे में नई भाषा रोजगार के अवसर बढ़ाती है.

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