कोरोना पॉजिटिव हुए डॉक्टर, अस्पताल नहीं कर रहा क्वारंटाइन

कोरोना वायरस महामारी के कारण इन दिनों लोगों की जिंदगी पटरी से उतर गई है. कोरोना पर रोक लगाने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के कारण न ही लोगो को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. मगर इतनी दिक्कतों के बाद भी कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने में सफलता नहीं मिल रही है.

कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. सबसे बड़ी परेशानी है कि कोरोना वायरस के मामले अस्पतालों में भी दिख रहे हैं. यानी अस्पतालों में मरीज का इलाज कर रहे डॉक्टर, नर्स व अन्य स्वास्थ्य कर्मी कोरोना वायरस का अधिक शिकार होते जा रहे हैं.

दिल्ली के गंगाराम अस्पताल, बाड़ा हिंदू राव अस्पताल, फॉर्टिस अस्पताल समेत कई अस्पतालों के डॉक्टर समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के कोरोना पॉजिटिव होने की खबर आई है. डॉक्टरों के कोविड पॉजिटिव होने का आंकड़ा भी लगातार बढ़ता जा रहा है.

जगप्रवेश अस्पताल के डॉक्टर पॉजिटिव

अब नए मामले में जग प्रवेश चंद्र अस्पताल के डॉक्टरों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है. अस्पताल के कुल 4 डॉक्टरों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. अब इलाज के लिए डॉक्टर इंतजार कर रहे हैं. पीड़ित डॉक्टरों ने शिकायत की है कि अस्पताल की ओर से उन्हें क्वारंटाइन भी नहीं किया जा रहा है.

दरअसल सभी डॉक्टर पीजी में रहते हैं जहां क्वारंटाइन होना संभव नहीं है. ऐसे में डॉक्टरों ने होटल में आइसोलेशन की सुविधा मांगी है. मगर अबतक अस्पताल डॉक्टर की इन मांगों को लेकर अबतक उदासीन ही बना हुआ है.

वहीं अस्पताल के इस रवैये से डॉक्टरों में भी रोष है. पीड़ित डॉक्टरों का कहना है कि संकट के समय में अस्पताल और प्रशासन का साथ देते हुए हमने अस्पताल में ड्यूटी की. अब जब हम खुद कोरोना संक्रमित हो गए हैं तो न अस्पताल प्रशासन भी हमारे स्वास्थ्य को लेकर चिंतित नहीं है. हमें आइसोलेशन तक मुहैया नहीं कराया जा रहा है.

होटल अकोमोडेशन दिया जा रहा

वहीं जब इस मामले पर अस्पताल के एमएस डॉ. आदर्श से बात की गई तो उन्होंने कहा कि कोरोना पॉजिटिव डॉक्टरों को होटल में आइसोलेशन दिया जा रहा है. अस्पताल की कोशिश है सभी को जल्द से जल्द होटल में शिफ्ट किया जाए. इसपर काम किया जा रहा है.

URDA ने की निंदा

अस्पतालों में जिस तरह कोरोना पॉजिटिव मिल रहे हैं उन्हें देखते हुए URDA ने कहा है कि ये काफी चिंता का विषय है. अस्पतालों में ड्यूटी कर रहे डॉक्टर ही लगातार कोरोना पीड़िता होते जा रहे हैं. इससे पहले के सभी डॉक्टर पीड़ित हों और अस्पताल ही बंद हो जाए. सरकार को इस दिशा में सख्त कदम उठाने चाहिए.मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों से बात की जा रही है. जल्द से जल्द इस मामले का हल निकालेंगे ताकि भविष्य में कोई डॉक्टर कोरोना संक्रमण का शिकार न हो.

URDA ने कहा है कि हम डॉक्टरों की सुरक्षा और क्वारंटाइन सुविधा के संबंध में हम अस्पताल और सरकार से भी दोबारा बात करेंगे.

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