कोरोना संकट के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था में दिखेगी जबरदस्त उछल : फिच

नई दिल्ली. कोरोना वायरस संक्रमण दुनिया भर में इस कदर फैल चुका है कि कई देशों ने लॉकडाउन तक जारी रखा हुआ है. कोरोना की रोकथाम के लिए लगाए गए लॉकडाउन के कारण दुनिया भर के देशों की अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान पहुंचा है. भारत भी अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान से बच नहीं पाया है. देश में 25 मार्च से लॉकडाउन की घोषणा की गई. इसके बाद भारत की अर्थव्यवस्था में एकाएक ठहराव आ गया है.

इस ठहराव को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक ने इस साल की विकास दर को 0 रहने की आशंका जताई गई है, जो कि भारत के लिए सबसे परेशानी वाली खबर है. इसको कई अर्थशास्त्रियों ने भी अपने आंकड़े जारी किए हैं. इससे भी उन्होने जो आंकड़े जारी किए हैं वो संतोषजनक नहीं है. कई अर्थशास्त्रियों ने ये भी कहा कि इस समय भारत की अर्थव्यवस्था अपने समय की सबसे निम्न स्तर पर पहुँच गई है.

फिच ने जताया संतोष

फिच ने अपने अगले वर्ष के लिए जारी की गई अपनी रिपोर्ट में कहा कि अगले वर्ष भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ेगी. फिच के इस रिपोर्ट में अगले साल के लिए भारत की GDP को 9.5% रहने का अनुमान जताया, लेकिन फिच ने एक और बात कही है. उन्होंने कहा कि भारत तभी इतनी तेजी से आगे बढ़ सकता है जब भारत अपनी अर्थव्यवस्था को और नीचे न गिरने दे. गौरतलब है कि फिच सभी देशों की अर्थव्यवस्था को लेकर रिपोर्ट तैयार करती है और इसे रेटिंग भी करती है.

इस वर्ष के लिए फिच का अनुमान

इस वर्ष यानी चालू वित्तीय वर्ष में भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर भी पिच ने कहा कि इस साल भारत की अर्थव्यवस्था 5% तक नीचे गिर सकती है. इसका मुख्य कारण कोरोना से उत्पन्न हुए माहौल को बताया गया है.

फिच की रिपोर्ट में भारत की श्रेणी

फिच ने अपनी रिपोर्ट में भारत को बीबीबी देशों की श्रेणी में रखा हैं.यहाँ आपको बताते चले कि बीबीबी में उन देशों को रखा जाता हैं जिनकी रिकवरी होने की काफी संभावना होती हैं. इसके आलावा फिच ने कहा हैं कि इस देशों को ये ध्यान रखना होगा की इस महामारी के कारण इनकी वित्तीय क्षेत्रों में कोई गिरावट न हो.

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