Warning : भारत में 28 साल के बाद टिड्डी दल ने दी दस्तक, फसलों को भारी नुकसान

  • सात राज्यों में फैला टिड्डी दल
  • अबतक 47,000 से अधिक हेक्टेयर में फैले 303 स्थानों पर टिड्डियों के नियंत्रण के उपाय और छिड़काव अभियान चलाए गए हैं.

नई दिल्ली. कोरोना वायरस महामारी के बीच अब एक नए खतरे ने दस्तक दे दी है. भारत में रेगिस्तानी टिड्डियों के दल ने 28 साल बाद हमला किया है. राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और हरियाणा में इसका आतंक सबसे पहले देखा गया. अब महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और पंजाब में, रेगिस्तानी टिड्डे बड़े पैमाने पर कटाव, पश्चिमी और मध्य भारत में फसलों को बुरी तरह नष्ट कर रहे हैं. सरकार के अनुसार यह देश के सबसे खराब टिड्डी हमलों में से एक है. इस तरह का हमला ने लगभग तीन दशकों के बाद दस्तक दी है.

कहां-कहां हमले हुए?

राजस्थान में पहले खेतों पर हमला करने वाले टिड्डे अब मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश तक फैल गए हैं. टिड्डी चेतावनी संगठन (एलडब्ल्यूओ) ने पंजाब और हरियाणा के लिए अलर्ट भी जारी किया है. जहां इस कदम पर एक झुंड प्रवेश करने की उम्मीद कर रहा है. झांसी के गरौठा तहसील के स्किल गांव के पास यह दल पहुंचा है. यह लगभग 1 किलोमीटर तक फैला हुआ है और इसे भगाने की कोशिश की जा रही है.

कृषि विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि “महाराष्ट्र में यह टिड्डियों का दल आ पहुंचा है. पिछले चार दिनों में नागपुर जिले के काटोल और पारसोनी में प्रवेश करने वाली टिड्डियों के झुंड रामटेक शहर की ओर बढ़ सकते हैं. हालांकि उनके सटीक उड़ान कोर्स की भविष्यवाणी करना मुश्किल है”.

पंजाब डायरेक्टर एग्रीकल्चर सावंतअंतर कुमार ऐरी ने कहा कि “पंजाब के हर जिले को हाई अलर्ट पर रखा गया है. साथ ही कंट्रोल रूम बनाए गए हैं. किसानों से कहा गया है कि वे टिड्डियों की किसी भी गतिविधि की रिपोर्ट करें.

क्या उपाय किए गए?

केंद्र सरकार ने उपायों का एक सिलसिला शुरू करने की घोषणा की है. अब टिड्डियों को रोकने के लिए ड्रोन और ट्रैक्टरों के जरिए छिड़काव किया जाएगा. केंद्र ने राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में खतरे की जांच करने के लिए प्रशासन के साथ टीमों की स्थापना की है. केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने यूनाइटेड किंगडम से 60 स्प्रेयर की खरीद को मंजूरी दी है. इससे खेतों पर रसायनों को स्प्रे करने के में मदद मिलेगी.

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने “एंटी टिड्ड ऑपरेशंस के लिए रिमोटली पाइलेटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम के उपयोग के  लिए सरकारी इकाई (DPPQS) की सशर्त छूट” को मंजूरी दे दी है. कीटनाशकों का छिड़काव करने के लिए ड्रोन के उपयोग के लिए दो फर्मों को अंतिम रूप दिया गया है. वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने अलर्ट जारी किया है, क्योंकि राज्य के 17 जिलों में फसलों को प्रभावित करने की संभावना है. ये जिले झांसी, महोबा, हमीरपुर, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, बुलंदशहर, हाथरस, एटा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, फर्रुखाबाद, औरैया, जालौन, कानपुर और ललितपुर हैं. मध्य प्रदेश की सीमा से लगे झांसी जिले में, टिड्डियों ने पहले ही फसलों को नुकसान पहुंचाया है.

Anjali Kumari

Aspiring news reporter and radio jockey.

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