मानव संसाधन मंत्रालय का आदेश, सर्दी जुकाम हो तो स्कूल से होगी छुट्टी

नई दिल्ली. कोरोना वायरस के कारण सभी स्कूलों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है. बच्चों की पढ़ाई का काफी नुकसान हो रहा है. इसको देखते हुए मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने ऑनलाइन ही बच्चों को पढ़ाई कराने का निर्णय लिया है. इस फैसले के बाद बच्चों की पढ़ाई में कोई कमी न रहेगी और कोरोना संक्रमण से बचाव भी होगा.

देश में इस समय लॉकडाउन 4 जारी है. कई तरह की ढील भी सरकार ने जारी रखी है. मंत्रालय ने लॉकडाउन खुलने के बाद स्कूलों के लिए एक नई गाइलाइन जारी की है. इस गाइडलाइन में बताया गया है कि लॉकडाउन खुलने के बाद स्कूलों में पढ़ाई के लिए क्या क्या कदम उठाने जरूरी होंगे.

गाइडलाइन के मुताबिक लॉकडाउन खुलने के बाद भी स्कूलों को में बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम से जारी रहेगी. हालांकि बाद में इसे पहले की तरह मूल रूप में ढाल दिया जाएगा.

जुकाम हो तो नहीं आए स्कूल

मंत्रालय ने अपने आदेश में साफ किया है किसी शिक्षक या किसी छात्र को सर्दी, जुकाम आदि जैसे लक्षण दिखते है तो उन्हें 15 से 20 दिनों तक स्कूल में आने की अनुमति नहीं दी जाएगी. ऐसे शिक्षक घर से ही क्लास कराएंगे. अगर यही स्थिति किसी छात्र की है तो वो भी स्कूल में पढ़ाए गए कोर्स को ऑनलाइन माध्यम से पढ़ेगा. इससे किसी बच्चे की पढ़ाई बाधित नहीं होगी.

खास बात है कि मंत्रालय का ये आदेश अगले एक साल तक के लिए स्कूलों को लागू रखना होगा. मंत्रालय ने साफतौर पर इन निर्देशों में ये बात कही है. यह नियम सभी स्कूलों में लागू किया जाएगा. इससे इस महामारी को रोकने में मदद मिलेगी.

शिक्षकों को पालन करने होंगे ये नियम

ये नियम लॉकडाउन के बाद स्कूल खुलने पर खासकर शिक्षकों के लिए बनाया गया है. जिसे सभी शिक्षकों को पालन करना अनिवार्य है. इस नियम के अनुसार अगर किसी शिक्षक को गले, मुँह, नाक,आदि में कोई शिकायत होती है तो वह शिक्षक खुद घर से बच्चों को पढ़ाएंगे. ऐसे शिक्षक किसी भी बच्चे के नोटबुक जाँच नहीं करेंगे. किसी भी बच्चे के सीधे संपर्क में नहीं आयेंगे. उन्हें स्कुल के सभी शैक्षणिक कार्यो से दूर रखा जायेगा.

शिक्षकों को सुझाव

मंत्रालय ने अपने दिशा निर्देश में कहा है कि यदि किसी शिक्षक को खुद में कोरोना के लक्षण दिखाई दे तो तुरंत प्रिंसिपल से संपर्क करके स्कूल आना बंद कर दे. मेडिकल ट्रीटमेंट के साथ वे खुद को आइसोलेट कर ले.

शिक्षक बनेंगे कोरोना योद्धा

मंत्रालय ने अपने दिशा-निर्देश में कहा है कि अगर कोई शिक्षक कोरोना के लक्षण देखते ही खुद को आइसोलेटे कर ले तो उसे स्कूल कोरोना योद्धा के रूप में सम्मानित करेगा.

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