तट के बेहद करीब पहुंचा अम्फान, एनडीआरएफ की टीम तैनात

कोलकाता. दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में बीते कई दिनों से बन रहा दबाव अब चक्रवात बन गया है. ये अम्फान चक्रवात अब तेजी से तटीय क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है. चक्रवात के कारण होने वाले नुकसान के मद्देनजर पश्चिम बंगाल जिला प्रशासन अलर्ट पर है.

मौसम विभाग के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक जीके दास का कहना है कि अम्फान तूफान पश्चिम बंगाल के काफी निकट है. अगर सुबह 2.30 बजे की बात करें तो ये तूफान पूर्व मेदिनीपुर स्थित दीघा तट से करीब 1090 किलोमीटर की दूरी पर पहुंच चुका है.

अभी तूफान उत्तर पूर्व की ओर बढ़ रहा है, इसकी रफ्ता 13 किलोमीटर प्रति घंटे की है. तूफान ओडिशा के पारादीप समुद्र तट से 980 किलोमीटर दूर स्थित है. इस दौरान पश्चिम बंगाल, ओडिशा के तटीय हिस्सों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की आशंका है.

चक्रवात के बारे में दास ने कहा कि सोमवार दोपहर तक तूफान तेज होगा. ये उत्तर पूर्व की ओर ही लगातार बढ़ेगा. 20 मई की दोपहर या शाम तक इसके दीघा समुद्र तट से टकराने की संभावना है. तट से टकराने के समय इसकी गति सामान्य से अधिक होगी.

ऐसे में जान-माल के नुकसान की भी आशंका है. इससे बचाव के लिए राज्य सरकार को इस बारे में अलर्ट भेज दिया गया है. समुद्र तटीय क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. राज्य सरकार ने मछुआरों को समंदर तट पर ना जाने की सलाह दी है.

एनडीआरएफ की टीम तैनात

चक्रवात के खतरे को देखते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने भी ऐहतियात के तौर पर एनडीआरएफ की दो टीमों को तैनात किया है. एनडीआरएफ के जवान इस समय दक्षिण 24 परगना के सागर दीप में तटों पर रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुट गए हैं.

वहीं एनडीआरएफ की अन्य टीम दीघा के समुद्र तट पर तैनात है. तट के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित करने की जिम्मेदारी इस टीम के उपर है.

बुलबुल का था कहर

आपको बता दें कि नवंबर के महीने में बुलबुल तूफान आथा था. इस तूफान के कारण पश्चिम बंगाल में 28 हजार करोड़ रूपये का नुकसान हुआ था. लाखों लोगों को अपना घर तो अबने प्रियजन खोने पड़े थे.

बुलबुल का सामना कर चुकी पश्चिम बंगाल सरकार इस बार अम्फान के आने से पहले ही विशेष तौर पर सतर्क हो गई है ताकि जानमाल के नुकसान को टाला जा सके.

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