दिल्ली विश्वविद्यालय में नई गवर्निंग बॉडी चुने जाने का शिक्षक संगठनों का विरोध

  • डीयू के 28 कॉलेजों को गवर्निंग बॉडी बनने का इंतजार
  • डीयू प्रशासन ने जारी की नए सदस्यों की लिस्ट

नई दिल्ली. दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में काफी समय से प्रोफेसर, लाइब्रेरियन, फीजिकल एजुकेशन जैसे अन्य पद खाली पड़े थे. कुछ दिनों पहले खबर आई थी कि डीयू में अलग अलग विभागों में खाली पड़े सहायक प्रोफेसरों के 262 पदों की नियुक्ति होने वाली है. अब इस घोषणा में नई अपडेट सामने आई है.

दिल्ली विश्वविद्यालय से संबंधित व दिल्ली सरकार द्वारा वित्त पोषित 28 कॉलेजों में नई गवर्निंग बॉडी बनेगी. इसकी चुनाव प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है. विश्वविद्यालय का मानना था कि कॉलेज के विभिन्न विभागों में मजबूत गवर्निंग बॉडी का आभाव है. इसका सीधा प्रभाव उनके रिसर्च पर पड़ रहा है.

इन कॉलेजों में बनेगी नई गवर्निंग बॉडी

सूत्रों के अनुसार चुने गए सभी कॉलेजों में आम आदमी पार्टी द्वारा भेजे गए सदस्यों को ही चेयरमैन बनाया जाएगा. अभी तक 25 फीसदी कॉलेजों में चुनाव पूरे हुए है. जिन कॉलेजों में चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है उसमें आचार्य नरेंद्रदेव कॉलेज, सत्यवती कॉलेज ,सत्यवती कॉलेज (सांध्य ), विवेकानंद कॉलेज, राजधानी कॉलेज, भारती कॉलेज शामिल है. भगत सिंह कॉलेज में टाई-अप होने के कारण बाद में चुनाव होंगे. +

फोरम ने दी बधाई

फोरम ऑफ़ एकेडेमिक्स फ़ॉर सोशल जस्टिस के चेयरमैन व दिल्ली विश्वविद्यालय की एकेडेमिक काउंसिल के पूर्व सदस्य प्रोफ़ेसर हंसराज सुमन ने कुछ शिक्षक संगठनों की आलोचना की है. प्रोफेसर सुमन ने बताया कि “डीयू प्रशासन ने 20 मई को गवर्निंग बॉडी के सदस्यों की लिस्ट भेजी थी. तभी से कुछ शिक्षक संगठन जोड़-तोड़ में लगे हुए थे. वे सरकार के सदस्यों के विरोध में काम कर अपने संगठनों से जुड़े प्रोफेसरों को चेयरमैन बनवाना चाहते थे. ताकि 20 से अधिक कॉलेजों में स्थायी प्रिंसिपलों की नियुक्ति की जा सके”. प्रोफेसर सुमन का कहना है कि, अभी तक यही प्रैक्टिस चलती आ रही है. दिल्ली में जिस पार्टी की सरकार होगी, कॉलेजों में उन्हीं पार्टी से चेयरमैन की नियुक्त की जाती है.

प्रोफेसर सुमन के अनुसार शिक्षक संगठन द्वारा किए गए इस विरोध के पीछे दिल्ली सरकार के 20 से अधिक कॉलेजों में प्रिंसिपलों के पद खाली होने के वजह से है. इसी तरह लाइब्रेरियन ,फिजिकल एजुकेशन टीचर्स के अलावा लगभग दो हजार शिक्षकों के पदों पर स्थायी नियुक्ति होनी है. इसके अलावा कर्मचारियों की नियुक्ति भी दस वर्षों से नहीं हुई. लाइब्रेरी व ऑफिस में खाली पदों पर नियुक्ति के सिलसिले में विज्ञापन आना अभी बाकी है.

यूजीसी ने सेकंड ट्रांच को पोस्ट दी

प्रोफ़ेसर सुमन ने आगे बताया है कि यूजीसी ने हर कॉलेज को सेकेंड ट्रांच की बकाया पोस्ट दी गई है. जिसके द्वारा इसी शैक्षिक सत्र में शैक्षिक व गैर शैक्षिक पदों पर नियुक्ति की जानी है. शिक्षकों की नियुक्तियों के माध्यम से विश्वविद्यालय शिक्षक संघ पर भविष्य में कब्जा जमाना चाहते है. उनका कहना है कि अभी तक 25 फीसदी कॉलेजों में गवर्निंग बॉडी बनी है. कुछ कॉलेजों में अगले सप्ताह गवर्निंग बॉडी की मीटिंग बुलाई गई है. जिसमें चेयरमैन चुने जाने है.

Anjali Kumari

Aspiring news reporter and radio jockey.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *