केवड़िया में सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती पर पीएम मोदी ने कह दी ये बात…

पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की. साथ ही पीएम मोदी ने केवड़िया में राष्ट्रीय एकता दिवस परेड का निरीक्षण किया और परेड की सलामी ली. इसके बाद ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ कार्यक्रम में उन्होंने लोगों को संबोधित किया. जानिए उनके संबोधन की दस बड़ी बातें. 

पीएम मोदी ने सबसे पहले लोगों से जवानों और पुलिस बेड़े के वीर बेटे-बेटों के नाम पर भारत माता की जय का जयकारा लगवाया. पीएम ने कोरोना वॉरियर्स के नाम- भारत माता की जय कहा. आत्मनिर्भरता के संकल्प को पूरा करने वाले आप लोगों के नाम- भारत माता की जय. देश ने संकट में सामर्थ्य दिखाया है. हमें एकता की ताकत ही आपदा से लड़ना सिखाती है. 

पीएम मोदी ने कहा कि सोमनाथ के पुनर्निर्माण से सरदार पटेल ने भारत के सांस्कृतिक गौरव को लौटाने का जो यज्ञ शुरू किया था, उसका विस्तार देश ने अयोध्या में भी देखा है. आज देश राममंदिर पर सुप्रीमकोर्ट के फैसले का साक्षी बना है और भव्य राममंदिर को बनते भी देख रहा है. उन्होंने कहा कि आज हम 130 करोड़ देशवासी मिलकर एक ऐसे राष्ट्र का निर्माण कर रहे हैं जो सशक्त भी होगा और सक्षम भी होगा. जिसमें समानता भी होगी, और संभावनाएं भी होंगी.

आत्मनिर्भर देश ही अपनी प्रगति के साथ साथ अपनी सुरक्षा के लिए भी आश्वस्त रह सकता है. इसलिए आज देश रक्षा के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ रहा है. इतना ही नहीं, सीमाओं पर भी भारत की नजर और नजरिया अब बदल गया हैं. चीन पर निशाना साधते हुए पीएम ने कहा कि आज भारत की भूमि पर नजर गड़ाने वालों को मुंहतोड़ जवाब मिल रहा है. आज का भारत सीमाओं पर सैकड़ों किलोमीटर लंबी सड़कें बना रहा है, दर्जनों ब्रिज, अनेक सुरंगें बना रहा है. अपनी संप्रभुता और सम्मान की रक्षा के लिए आज का भारत पूरी तरह तैयार है. 

पीएम मोदी ने आतंकवाद पर करारा हमला बोला, उन्होंने कहा कि- कुछ लोग आतंकवाद के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं. आतंकवाद-हिंसा से कभी भी, किसी का कल्याण नहीं हो सकता. प्रगति के इन प्रयासों के बीच, कई ऐसी चुनौतियां भी हैं जिसका सामना आज भारत, और पूरा विश्व कर रहा है. बीते कुछ समय से दुनिया के अनेक देशों में जो हालात बने हैं, जिस तरह कुछ लोग आतंकवाद के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं, वो आज वैश्विक चिंता का विषय है.

आज के माहौल में, दुनिया के सभी देशों को, सभी सरकारों को, सभी पंथों को, आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की बहुत ज्यादा जरूरत है. शांति-भाईचारा और परस्पर आदर का भाव ही मानवता की सच्ची पहचान है. आतंकवाद-हिंसा से कभी भी, किसी का कल्याण नहीं हो सकता. हमारी विविधता ही हमारा अस्तित्व है. हम एक हैं तो असाधारण हैं. लेकिन साथियों, हमें ये भी याद रखना है कि भारत की ये एकता, ये ताकत दूसरों को खटकती भी रहती है. हमारी इस विविधता को ही वो हमारी कमजोरी बनाना चाहते हैं. ऐसी ताकतों को पहचानना जरूरी है, सतर्क रहने की जरूरत है.

पुलवामा हमले का जिक्र कर पीएम मोदी भावुक हुए हो गए. उन्होंने कहा कि देश कभी भूल नहीं सकता कि जब अपने वीर बेटों के जाने से पूरा देश दुखी था. पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोगों ने पुलावामा हमले में भी राजनीति का मौका ढूंढा. पुलवामा पर राजनीति करने वालों को दूश नहीं भूलेगा. जब देश पर इतना बड़ा घाव लगा था, तब स्वार्थ और अहंकार से भरी भद्दी राजनीति कितने चरम पर थी. 

पिछले दिनों पड़ोसी देश से जो खबरें आईं हैं, जिस प्रकार वहां की संसद में सत्य स्वीकारा गया है, उसने इन लोगों के असली चेहरों को देश के सामने ला दिया है. अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए, ये लोग किस हद तक जा सकते हैं, पुलवामा हमले के बाद की गई राजनीति, इसका बड़ा उदाहरण है.

मैं ऐसे राजनीतिक दलों से आग्रह करूंगा कि देश की सुरक्षा के हित में, हमारे सुरक्षाबलों के मनोबल के लिए, कृपा करके ऐसी राजनीति न करें, ऐसी चीजों से बचें. अपने स्वार्थ के लिए, जाने-अनजाने आप देशविरोधी ताकतों की हाथों में खेलकर, न आप देश का हित कर पाएंगे और न ही अपने दल का। हमें ये हमेशा याद रखना है कि हम सभी के लिए सर्वोच्च हित- देशहित है. जब हम सबका हित सोचेंगे, तभी हमारी भी प्रगति होगी, उन्नति होगी.

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