ऑनलाइन क्लासेज पर जोर, छात्रों-शिक्षकों की बढ़ेगी परेशानी

कोरोना वायरस के कारण इन दिनों दिल्ली यूनिवर्सिटी व अन्य यूनिवर्सिटी के कॉलेज बंद हैं. न ही क्लास हुई और मई में एग्जाम होते हैं वो भी पोस्टपोन हो चुके हैं. कोरोना वायरस के कारण दिल्ली यूनिवर्सिटी प्रशासन एग्जाम पोस्टपोन करने का ऐलान पहले ही कर चुका है.

वहीं यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमिशन (UGC) ने 29 अप्रैल को ही अकादमिक सत्र और एग्जाम को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है. इस नई गाइडलाइन के सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी प्रोफेसर में काफी असंतोष है. प्रोफेसर का कहना है कि यूजीसी की गाइडाइन को नागेश्वर राव कमिटी के सिफारिश के साथ जोड़कर पढ़ने की जरूरत है.

इससे एमएचआरडी के निजीकरण और ठेका प्रथा को बढ़ावा देने की नीति की पोल खुलती है. इन कमेटियों के सदस्यों ने अपनी सिफारिशें पेश करने से पहले न तो शिक्षक संघ से बात ही और न ही छात्र संगठनों से. इतना ही नहीं कमेटी ने मंत्रालय के ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लाइन को ही आगे बढ़ा दिया.

इन गाइडलाइन्स का उद्देश्य की मानें तो देश से लॉकडाउन हटने के बाद भी 25% कोर्स ऑनलाइन करवाना है. सिर्फ इतना ही नहीं प्रायोगिक कक्षाओं को वर्चुअल तरीके से करवाने की बात की जा रही है.

वहीं नागेश्वर कमेटी की बात करें तो कमेटी 40% कोर्स को ऑनलाइन माध्यम से करने की बात कह रही है. कमेटी ने ये सिफारिश भी की है कि 200 यूनिवर्सिटी में 100% ऑनलाइन डिग्री कोर्सेज को चलाने जाएं. प्रोफेसर्स का कहना है कि सिर्फ टेक्नोलॉजी के सहारे क्लास और कोर्स चलाना संभव नहीं है.

क्लास एजुकेशन और ऑनलाइन एजुकेशन में बड़ा अंतर होता है. इस अंतर को खत्म नहीं करना चाहिए. वहीं इसका सबसे ज्यादा असर उन छात्रों पर पड़ेगा जो कमजोर हैं या फिर जिनका आर्थिक पक्ष कमजोर है. ऑनलाइन क्लास में सभी छात्र एक साथ एक जैसा नहीं समझ सकते.

शिक्षकों पर बढ़ेगा कार्य बोझ

शिक्षक संगठन एएडी का कहना है कि अगस्त 2020 में नया सेशन शुरु होगा, इसी दौरान एडमिशन प्रक्रिया भी शुरू होगी. वहीं एग्जाम के बाद उत्तर पुस्तिकाओं के मुल्यांकन का काम भी शिक्षकों को ही करना होगा.

वहीं जिस तरह से कोरोना वायरस फैलता है, लंबे समय तक सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी करना होगा. ऐसे में शिक्षकों ने मांग की है कि गेस्ट शिक्षकों के कार्यकाल को भी एक सत्र के अनुसार ही आघे बढ़ा दिया जाए ताकि कोरोना के कारण पैदा हुए संकट के निपटा जा सके.

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