डॉक्टरों को मारा तो होगी 6 साल की सजा, देना होगा लाखों रूपये का जुर्माना

नई दिल्ली. कोरोना वायरस को लेकर केंद्र सरकार कई तरह के कदम उठा रही है. केंद्र सरकार की प्राथमिकता है कि कोरोना वायरस के संक्रमण के दौरान मरीजों के इलाज में लगे डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा भी की जाए.

कोरोना संक्रमण के बीच स्वास्थ्य कर्मियों पर हो रहे हमलों के मद्देनजर सरकार ने नया कदम उठाया है. डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों के लिए सरकार नया अध्यादेश लेकर आई है. इस अध्यादेश में प्रावधान है कि किसी भी स्वास्थ्यकर्मी पर हमला गैरजमानती अपराथ होगा.

सिर्फ इतना ही नहीं जो व्यक्ति दोषी पाया जाएगा उसे कम से कम तीन महीने से लेकर पांच साल तक की जेल भी हो सकती है. इसके साथ 50 हजार रूपये से दो लाख रूपये तक का जुर्माना भी दोषी को देना होगा.

पीएम मोदी की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की बैठक की गई. इस बैठक में स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर परेशान केंद्र सरकार ने अध्यादेश लाने का फैसला किया. सरकार ने अध्यादेश लाने के लिए “महामारी रोग अधिनियम 1897” में संशोधन किया है.

इस फैसले की जानकारी आज केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दी. उन्होंने कहा कि मेडिकल फील्ड से जुड़े कर्मियों के खिलाफ होने वाले हमलों और उत्पीड़न को सरकार किसी तरह बर्दाश्त नहीं करेगी.

मेडिकल फील्ड के कर्मचारियों की सुरक्षा सरकार के लिए महत्वपूर्ण है. सरकार ने फैसला किया है कि उन्हें संरक्षण देने वाला अध्यादेश लागू करेगी. राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि ये दुर्भाग्य है कि जो लोग आज के समय में देश को बचाने में जुटे हैं उन्हें जनता के समर्थन की जगह हमलों का सामना करना पड़ रहा है. सरकार के अध्यादेश के तहत डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों के साथ हिंसा की घटना को गैर जमानती अपराध घोषित किया गया है.

अगर कोई स्वास्थ्य कर्मी को चोट पहुंचाने या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए दोषी पाया जाता है तो उसके लिए भी दोषी को मुआवजा देना होगा. यानी दोषी पर किसी आधार पर रहम नहीं होगा.

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों पर हमला करने पर तीन महीने से पांच साल तक की सजा होगी. इसके अलावा दोषी को 50 हजार से दो लाख रूपये तक का जुर्माना देना होगा. अगर घटना में गंभीर नुकसान हुआ है तो छह महीने से सात साल की सजा का प्रावधान और एक लाख से पांच लाख रुपए तक का जुर्माना देना होगा. उन्होंने कहा कि चिकित्साकर्मियों पर हमले के मामले की जांच 30 दिन में पूरी करनी होगी.

संपत्ति का नुकसान किया तो दोगुना मुआवजा

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर दंगईयों या दोषी व्यक्ति ने स्वास्थ्य कर्मियों के वाहनों, उनके क्लीनिक या उनसे संबंधित किसी वस्तु को नुकसान पहुंचाया तो क्षतिग्रस्त हुई संपत्ति का मूल्य भी मुआवजे के राशि में शामिल कर के वसूला जाएगा.

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