चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping है गलवान हिंसा का मास्टरमाइंड: Newsweek

गलवान हिंसा का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि खुद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) थे. इतना ही नहीं, लद्दाख के गलवान घाटी में भारत के खिलाफ चीनी सैनिकों की आक्रमकता पूरी तरह फ्लॉप साबित हुई है. ये दावा किया है मशहूर अमेरिकी पत्रिका न्यूजवीक (Newsweek) ने. न्यूज वीक में छपे रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के खिलाफ आक्रामकता और गलवान हिंसा के सूत्रधार यानी चीफ आर्किटेक्ट खुद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping ) हैं. लेकिन, एलएसी (LAC) पर उनकी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) बुरी तरह असफल हुई है और भारतीय सेना ने उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया है.

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय सीमा में चीनी सैनिकों द्वारा घुसपैठ करने की गुस्ताखी चीन को भारी पड़ेगी और चीनी सेना की इस अफलता के दुष्परिणाम शी जिनपिंग को भुगतने होंगे. जिनपिंग ने भारत में PLA की घुसपैठ की योजना को ग्रीन सिग्नल देकर अपने भविष्य को जोखिम में डाल लिया है. इससे चीन में उनकी छवि नकारात्मक रूप से प्रभावित हुई है और उन्होंने एक मजबूत नेता की हैसियत कुछ हद तक खो दी है.

गलवान में मारे गए थे 60 चीनी सैनिक, अमेरिकी अखबार NEWS WEEK की रिपोर्ट

हालांकि, इस रिपोर्ट में यह आशंका भी जताई गई है कि भारत के आक्रामक रुख को देखते हुए PLA भारतीय चौकियों को निशाना बनाने की फिर कोशिश कर सकती है. इस रिपोर्ट की खास बात यह है कि इसे किसी अमेरिकी, यूरोपियन या भारतीय ने नहीं लिखा है. बल्कि इसे चीनी मूल के गॉर्डन जी चॉन्ग ने लिखा है जो चीनी मामलों के एक्सपर्ट हैं. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की विवादित क्षेत्र में दाखिल होने की आदत है. चीन का मानना है कि 1962 की लड़ाई में हार से आहत भारतीय सैनिक और नेता हमेशा मनोवैज्ञानिक दबाव में रहते हैं और वे केवल बचाव की कार्रवाई करते हैं. लेकिन गलवान में इस बार चीन की यह सोच भारी पड़ गई.

अमेरिकी अखबार की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि गलवान घाटी की हिंसक झड़प में चीन के कम से कम 43 जवानों की मौत हुई है. वहीं, फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेटीज के सीईओ क्लेयो पास्कल ने न्यूजवीक को बताया कि इस झड़प में जान गंवाने वाले चीनी सैनिकों की संख्या 60 हो सकती है. न्यूजवीक ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि गलवान में भारतीय सैनिक बहादुरी से लड़े, लेकिन इस बात को चीन कभी स्वीकार नहीं करेगा. चॉन्ग का कहना है कि हाल के दिनों में भारतीय फौज ने चीन की सेना PLA को पीछे हटने के लिए मजबूर किया है. रिपोर्ट में लिखा कि भारत को अब शी जिनपिंग के अगले कदम पर बारीकि से नजर रखने की जरूरत है, क्योंकि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी में अपनी ढीली होती पकड़ को मजबूत करने और PLA की विफलताओं को छुपाने के लिए शी जिनपिंग और आक्रामक कदम उठा सकते हैं.

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