चिंताजनक! 2050 तक आप हो सकते हैं मोटापे का शिकार

नई दिल्ली. इन दिनों कुछ ऐसी बीमारियां हैं जो लोगों के लिए आम बनती जा रही हैं. इसी में मोटापा भी शामिल है. ये एक ऐसी समस्या है जिससे अधिकतर लोग पीड़ित दिखते हैं. मोटापा होने का मुख्य कारण बिगड़ा हुआ लाइफस्टाइल और फास्ट फूड का अधिक सेवन है. वहीं हाल ही में हुई एक रिसर्च में खुलासा हुआ है कि 2050 तक दुनिया की 50 प्रतिशत आबादी मोटापे से ग्रसित हो जाएगी.

इसका सीधा अर्थ है कि 2050 तक 4 बिलियन से भी अधिक लोग ओवरवेट (Overweight) हो जाएंगे. सिर्फ इतना ही नहीं 1.5 बिलियन लोगों को ओबेसिटी (Obesity) का शिकार होना पड़ेगा. ओबेसिटी (Obesity) के कारण व्यक्ति के शरीर में अन्य बीमारियां भी घर करेंगी. रिसर्च में एक और बड़ी बात सामने आई वो ये कि आने वाले समय में 500 मिलियन लोगों की आबादी ऐसी होगी जिनका सामान्य से कम वजन होगा. यही नहीं भुखमरी से पीड़ित लोगों की संख्या में भी इजाफा देखा जाएगा.

बता दें कि ये रिसर्च पोट्सडैम इंस्टीट्यूट फोर क्लाइमेट इंपैक्ट रिसर्च की ओर से की गई है. इस रिसर्च में सामने आया कि अगर लोगों के खान पान की आदतों में बदलाव नहीं किया गया तो आने वाले समय में इसके विपरित परिणाम देखने को मिलेंगे. यानी अगले 30 साल बाद तक न्यूट्रिशन में गैप बढ़ता जाएगा.

इस शोध को करने के पीछे वैज्ञानिक जानना चाहते थे कि आने वाले कुछ सालों में लोगों को खाने से मिलने वाले न्यूट्रिशन का स्तर कितना बदलेगा. शोध को अंजाम देने के लिए लोगों के खानपान , बढ़ती आबादी और खाने की बचत और बरबादी का आंकलन किया गया.

कुछ दशकों से देखने में आया है कि प्रोसेस्ड फूड का इस्तेमाल अधिक होने लगा है. खासतौर से 1965 के बाद से प्रोसेस्ड फूड के इस्तेमाल में बढ़ोतरी होने लगी है. खासतौर से अब प्रोटीन मीट, मीठे पदार्थ और कार्बोहाइड्रेट डाइट में अधिक शामिल हो गए हैं. वहीं दूसरी ओर काफी कम लोग ही ऐसे हैं जो फल और सब्जियों का सेवन अधिक करने पर जोर देते हैं.

ताजी सब्जियों के कम इस्तेमाल और प्रोसेस्ड फूड के अधिक सेवन के कारण शरीर में फैट की मात्रा बढ़ रही है. मगर लोगों का ध्यान इस फैट को कम करने की तरफ नहीं जा रहा. एक तरफ खानपान की आदतों में बदलाव और दूसरी ओर शारीरिक श्रम की कमी दोनों के कारण सेहत खराब होती जा रही है.

29 प्रतिशत आबादी ओवरवेट

दशक भर पहले हुए रिसर्च में भी सामने आया था कि 2010 तक दुनिया की 29 फीसदी तक की आबादी ओवरवेट से ग्रसित हो चुकी थी. इनमें से 9 प्रतिशत लोग ऐसे थे जो ओबेसिटी का शिकार बन गए थे. इन 9 प्रतिशत लोगों का बॉडी मास इंडेस्क 30 से अधिक था.

गौरतलब है कि मोटापा कई तरह की बीमारियों का घर होता है. खासतौर से दिल की बीमारी और डायबिटीज जैसे अनेक रोग बढ़ते जाएंगे. कई ऐसी स्टडी भी हुई हैं जिसमें सामने आया कि मोटे लोगों को कोरोना वायरस से अधिक खतरा होता है. कोरोना वायरस मोटे लोगों के लिए जानलेवा तक साबित हो सकता है.

The Depth

TheDepth is India's own unbiased digital news website.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *